Rikhnikhal Mahotsav 2018

Eternal Development of Uttarakhand

Saturday, 4 November 2017

रिखणीखाल महोत्सव

आगामी दिनों में रिखणीखाल महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है । उत्तराखण्ड में हो रहे सांस्कृतिक धार्मिक और सामाजिक विच्छेदन के प्रति उत्तराखण्ड समाज और नेतृत्व लगातार चिन्तित है सभी लोग अपने अपने स्तर पर अपनी अपनी समझ से इस विच्छेदन को दूर करने के प्रयास कर रहे है ।

रिखणीखाल महोत्सव इसी दिशा में किया जाने वाला एक प्रयास है । रिखणीखाल महोत्सव के माध्यम से हम रिखणीखाल के वासी और प्रवासी अपने जड़ों को ढूंडने उसे समझने और उन से जुड़ने का प्रयास कर रहे है ।
इस महोत्सव के माध्यम से जहाँ हम एक तरफ अपने धार्मिक प्रतीक (ग्राम देवता जल देवता) को याद करेंगे वहीं दूसरी ओर पारंपरिक खेलकूद सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आवासीय और प्रवासी समुदाय को एक दूसरे के नजदीक लाने का प्रयास किया जाएगा।

बाध्य यंत्रो के द्वारा जहां स्थानीय परम्परागत स्थानीय कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका देंगे वहीं किस्से रिखणीखाल के कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को क्षेत्र के ऐतिहासिक स्नस्कृति और धार्मिक महत्व से परिचय कराया जाएगा

मुख्य कार्यक्रम:- मुख्य कार्यक्रम तीन दिवसीय होगा लेकिन कार्यक्रम की गतिविधियाँ लगभग 15 दिन तक चलेगी
 
कार्यक्रम के आयोजन की आवश्कता क्यों पड़ी-:

कार्यक्रम की आवश्कता तो बहुत पहले से थी जब सन 1995 से 2005 के मध्य अचानक से लोगों ने शहरों की ओर रुख किया अचानक से सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन आया क्षेत्रीय लोगों में अचानक गॉँव से शहरों की ओर जाने की एक होड़ सी लग गयी। गाँव पहाड़ बीरान दिखने लगे, अचानक चारों तरफ बड़ी तादाद मे  पलायन होने लगा, शिक्षा और स्वास्थ्य स्वरोजगार की बदहाली तो सदा से रही पहाडों में, पर ऐसा क्या हुआ कि  पृथक राज्य मिलते ही लोग अपनी जड़ों से बिछेदन कर के शहरों में जीवनयापन को निकल गए। भौगोलिक स्थिति से उत्तराखंड सुदूर और दुर्गम तो रहा ही है पर आर्थिक स्थिति से भी बहुत पिछड़ा है। और आज हाल ये है कि सामाजिक सांस्कृतिक स्थिति से भी हम कोषों दूर है

आज हम देख रहे है कि बिगत 17 सालों में उत्तराखंड से लगभग 33 लाख लोगों ने अपने घर गॉँव छोड़े है लगभग 30 हजार गाँव आज भी पूर्ण रूप से खाली है और जो लोग गाँव में मजबूरी में रह रहे है उन की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है उन्हे मूलभूत सुविधा दिलाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हम इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहे है । ताकि  लोग स्वावलम्बी, स्वस्थ, और शिक्षित बनें

कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य-:  
  • कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है पहाड़ के जनमानस की जड़ चेतना को जागृत कर सम्बल प्रदान करना ।
  • प्रवासियों को पाहाडों की जड़ों से जोड़ना  
  • प्रसासन का ध्यान इस क्षेत्र की ओर  खींचना ।
  • मूलभूत सुविधाओं को  उत्तपन्न करना या प्रशासन द्वारा मुहैया कराना
  • विकट परस्थितियों में जीवन यापन कर रहे लोगों  की आर्थिक सामाजिक और मानसिक स्थिति को मजबूत करना । 
  •  क्षेत्रीय लोगो की जीवन शैली में भौगोलिक परिस्थितियों एवं जलवायु परिवर्तन के अनुसार बदलाव लाने की  जानकारी देना  
  • पर्वतीय लोगों को स्वरोजगार की प्रेरित कर अ स्वालम्बी  बनाना ।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण-:

खेती-: खाद ,बीज भण्डारण, पशु पालन, उन्नत खेती और उन्नत बीज, मशरूम की खेती, बेमौसमी सब्जियाँ उगाना, सिंचाई के साधनो पर बिचार, मोटी इलाइची की खेती, कुकुट पालन, बन्यजीवों से खेती की रक्षा, बागवानी की जानकारी मुहैय्या करेंगे

खेलकूद-:  स्कूली बच्चों के खेलकूद प्रतियोगिता जिस में खो-खो, कब्बडी, दौड, आदि

कला प्रदर्शन -: चित्रकारी, भाषण, बात विवाद, कविता पाठ

बाध्ययंत्रो का प्रदर्शनी-: उत्तराखण्ड के तमाम पारम्परिक बाध्य यंत्रो की प्रदर्शनी और बादकों द्वारा सुंदर प्रतियोगिता का आयोजन

महिलाओं की सहभागिता-: 
समाज, परिवार निर्माण में महिलाओं की भागीदारी, समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका, झुमेलों, थडिया, चोंफल, बाजुबंद

सामाजिक एवं धार्मिक-:  
माँ बाँजा देवी से ताड़केस्वर धाम तक श्री राम चन्द्र जी की रथ यात्रा (माँ बंजादेवी, डोंटियाल देव, माँ नोशेणा देवी, श्री ताड़केस्वर धाम और भूमि पूजन मंदिर की स्थापना रिखणीखाल स्कूल में)

सभी 81 ग्राम सभाओं के ग्राम देवता, जल देवता की साफ सफाई और पूजन

कौथिग का आयोजन-:
कार्यक्रम को पूर्ण रूप से कौथिग का रूप दिया जायेगा नए पुराने पहाड़ी परिधानों की दुकानें, खेती से सम्बंधित सामग्री की दुकानें, महिला परिधानों, बच्चों के खिलौने, पुस्तक मेला, खानपान, पहाड़ी पकवानों का जायका और दैनिक जीवन में काम आने वाले सामान फल फूलों का बाजार लगाया जाएगा

स्वास्थ्य-:
स्वास्थ से सम्बंधित कार्यक्रम में निःशुल्क शारिरिक जांच के लिए मेडिकल कैम्प लगाया जाएगा मौसमी बीमारियों और साफ सफाई के कार्यक्रम के तहत लोगों को अपने घर के आसपास की सफाई के तरीके अपने शरीर की सफाई, स्वच्छ भारत अभियान से लोगों को जोड़ना, योग शिविरों का आयोजन करना, स्वास्थ्य सम्बंधित किट दिए जाएंगे, स्वास्थ्य सम्बंधित प्रशिक्षण की ब्यवस्था की जाएगी

सरकारी योजना-:
सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा स्वरोजगार इन मुद्दों पर सरकारी महकमे का ध्यान खींचना हमारी प्राथमिकता है सम्बंधित विभाग / मंत्रालय को बिग्यंप्ति देना उन के द्वारा पूर्व में किये गए कार्र्यो का आंकलन करना और भावी योजनाओं का शिलान्यास भूमि पूजन का दिन तय होगा

मंत्रालयों का हस्तक्षेप-:
शिक्षा, स्वास्थ्य, पेजल, सड़क, बन, आयुष एवं आयुष शिक्षा, वन एवं बन्यजीव, पर्यावरण,  कौशल विकास प्रशिक्षण निवारण, श्रम एवं सेवायोजन, अपशिष्ट निवारण, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास पशुपालन, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, परिवहन, सिंचाई

पुस्तक विमोचन-:
क्षेत्रीय और उत्तराखण्डी कवियों के द्वारा रचित कालजयी पुस्तकों का  लोकार्पण,क्षेत्र में झुजारु कर्मचारी वर्ग को सम्मानित करना, अदुतीय कार्यो की सराहना बद्धजीवी समाज को पुरिस्कृत किया जाना, क्षेत्र के साहित्यकारों को सम्मनित करना और स्मरण करना उन की कृतियों को ।


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