आज दिनांक 11 जनवरी 2018 को कोटद्वार में “हल्दी हाथ वैडिंग प्वाइंट” में रिखणीखाल महोत्सव की बैठक हुई जिस की अध्यक्षता श्रीमती शोभा रावत ग्राम पिपला सारी वालों ने किया कड़ाके की ठंड व घने कोहरे को मात देते हुए लोगों ने काफी अछि मात्रा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई ।
बैठक का मुख्य उद्देश्य रिखणीखाल महोत्सव से लोगों को जोड़ना था जो कदम सार्थक नजर आता है। बैठक का आयोजन श्रीमती लक्ष्मी रावत, श्री धनपाल सिंह रावत (डबराड़), श्री विकास देवरानी (जेठों गाँव), श्री देवेंद्र नेगी (बड़खेत), श्रीमती शोभा गोयल (चेबड़), श्रीमती हेमा देवरानी (ग्राम प्रधान जुकनिया) ने किया | क्षेत्रीय प्रवासी लोगों में अपने गाँव गुठयार के लिए प्यार अपनत्व छलक उठा। गौरतलब है कि रिखणीखाल महोत्सव प्रवासियों को जोड़ने का ये मुहिम बिगत 1 वर्ष से चला रहा है। पौड़ी से पहुंचे श्री विजय जुयाल जी ने स्वरोजगार पर बल दिया व लोगों को स्वरोजगार में मदद देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।
श्री देवेंद्र सिंह नेगी जी ने अपने 350 नाली जमीन संस्था को दान देने का भरोसा किया जो खदरासी के समीप है। श्री राजीव शर्मा जी जो क्षेत्र में सामाजिक कार्य में लीन रहते है क्षेत्र के युवा वर्ग को मुफ्त शिक्षा देने की बात कही व गरीबों को मुफ्त में ऊनी कपड़े बांटने का जिमा उठाया। श्री विकास देवरानी जी ने शिक्षा स्वास्थ्य व स्वरोजगार पर जहां बल दिया वही धनपाल जी का कहना है कि जागरूकता हर दुख की दवा है। श्री दिनेश कुकरेती जी जो सहायक अध्यपाक है राजकीय उच्चतम बिद्यालय द्वारी में वे बिगत 20 साल से लुप्त होते पक्षियों को बचाने की मुहिम में है उन्ही क्षेत्र में पक्षियों को कैसे बचाया जय व उत्त्पादन क्षमता पर बल दिया। डॉ अम्बिका प्रसाद ध्यानी जी ने वन्य जीवों से फसलों की देखभाव व टाइगर प्रोजेक्ट के नजदीक के गांवों को कैसे विस्थापित किया जाय बिषय पर अपनी बात रखी। श्री भारत सिंह नेगी व श्री गोविंद सिंह बिष्ट श्री जगमोहन सिंह बिष्ट श्रीमती ज्योति जी ने अपनी बात स्वरोजगार व कुटिरुद्योग पर रखी।
महिला शक्ति की मांग थी क्षेत्र में शराब पर लगाम लगे व युवा पीढ़ी नशे में लिप्त न हो। श्रीमती शोभा गोयल जी जहां खुद नशा मुक्ति के लिए आदर्श है वही श्रीमान संगीता रावत, श्रीमती लक्ष्मी रावत जी ने नशा मुक्त रिखणीखाल के लिए आन्दोलन करने की बात पर बल दिया। बैठक में मूलभूत सुविधा व मौलिक अधिकारों की ही लड़ाई रही।
रिखणीखाल महोत्सव के संयोजन श्री देवेश आदमी ने मंच का संचालन किया व रिखणीखाल महोत्सव के कार्यक्रम को लोगों के सामने रखा।
बैठक का मुख्य उद्देश्य रिखणीखाल महोत्सव से लोगों को जोड़ना था जो कदम सार्थक नजर आता है। बैठक का आयोजन श्रीमती लक्ष्मी रावत, श्री धनपाल सिंह रावत (डबराड़), श्री विकास देवरानी (जेठों गाँव), श्री देवेंद्र नेगी (बड़खेत), श्रीमती शोभा गोयल (चेबड़), श्रीमती हेमा देवरानी (ग्राम प्रधान जुकनिया) ने किया | क्षेत्रीय प्रवासी लोगों में अपने गाँव गुठयार के लिए प्यार अपनत्व छलक उठा। गौरतलब है कि रिखणीखाल महोत्सव प्रवासियों को जोड़ने का ये मुहिम बिगत 1 वर्ष से चला रहा है। पौड़ी से पहुंचे श्री विजय जुयाल जी ने स्वरोजगार पर बल दिया व लोगों को स्वरोजगार में मदद देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।
श्री देवेंद्र सिंह नेगी जी ने अपने 350 नाली जमीन संस्था को दान देने का भरोसा किया जो खदरासी के समीप है। श्री राजीव शर्मा जी जो क्षेत्र में सामाजिक कार्य में लीन रहते है क्षेत्र के युवा वर्ग को मुफ्त शिक्षा देने की बात कही व गरीबों को मुफ्त में ऊनी कपड़े बांटने का जिमा उठाया। श्री विकास देवरानी जी ने शिक्षा स्वास्थ्य व स्वरोजगार पर जहां बल दिया वही धनपाल जी का कहना है कि जागरूकता हर दुख की दवा है। श्री दिनेश कुकरेती जी जो सहायक अध्यपाक है राजकीय उच्चतम बिद्यालय द्वारी में वे बिगत 20 साल से लुप्त होते पक्षियों को बचाने की मुहिम में है उन्ही क्षेत्र में पक्षियों को कैसे बचाया जय व उत्त्पादन क्षमता पर बल दिया। डॉ अम्बिका प्रसाद ध्यानी जी ने वन्य जीवों से फसलों की देखभाव व टाइगर प्रोजेक्ट के नजदीक के गांवों को कैसे विस्थापित किया जाय बिषय पर अपनी बात रखी। श्री भारत सिंह नेगी व श्री गोविंद सिंह बिष्ट श्री जगमोहन सिंह बिष्ट श्रीमती ज्योति जी ने अपनी बात स्वरोजगार व कुटिरुद्योग पर रखी।
महिला शक्ति की मांग थी क्षेत्र में शराब पर लगाम लगे व युवा पीढ़ी नशे में लिप्त न हो। श्रीमती शोभा गोयल जी जहां खुद नशा मुक्ति के लिए आदर्श है वही श्रीमान संगीता रावत, श्रीमती लक्ष्मी रावत जी ने नशा मुक्त रिखणीखाल के लिए आन्दोलन करने की बात पर बल दिया। बैठक में मूलभूत सुविधा व मौलिक अधिकारों की ही लड़ाई रही।
रिखणीखाल महोत्सव के संयोजन श्री देवेश आदमी ने मंच का संचालन किया व रिखणीखाल महोत्सव के कार्यक्रम को लोगों के सामने रखा।
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